राजस्थान सूचना का अधिकार (RTI) पोर्टल 2026

लोकतंत्र में जनता ही मालिक है, और मालिक को यह जानने का पूरा हक है कि उसका पैसा कहाँ और कैसे खर्च हो रहा है। राजस्थान RTI पोर्टल पर आपका स्वागत है - आपकी पारदर्शिता की खिड़की।

लाइव अपडेटेड 2026
100% सरकारी नियमों पर आधारित

1. सूचना का अधिकार (RTI) क्या है?

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (Right to Information Act) भारत की संसद द्वारा पारित एक क्रांतिकारी कानून है। यह कानून नागरिकों को सरकारी रिकॉर्ड तक पहुँचने की शक्ति देता है। राजस्थान में, इस कानून का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यहाँ 'मजदूर किसान शक्ति संगठन' (MKSS) जैसे संगठनों ने इस कानून की नींव रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

RTI के मुख्य उद्देश्य:

  • शासन में पारदर्शिता लाना
  • भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना
  • जवाबदेही तय करना
  • नागरिकों को सशक्त बनाना

RTI के माध्यम से आप किसी भी सरकारी विभाग से सवाल पूछ सकते हैं, दस्तावेजों की प्रतियां मांग सकते हैं और सरकारी कार्यों का निरीक्षण कर सकते हैं।

2. राजस्थान में RTI आवेदन कैसे करें?

राजस्थान में RTI आवेदन करना अब पहले से कहीं अधिक सरल है। आप अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों का चुनाव कर सकते हैं।

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ऑनलाइन प्रक्रिया (SSO पोर्टल के माध्यम से)

राजस्थान सरकार ने 'डिजिटल राजस्थान' पहल के तहत RTI आवेदन को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके लिए आपको SSO (Single Sign-On) पोर्टल का उपयोग करना होगा।

  1. सबसे पहले sso.rajasthan.gov.in पर जाएं और अपनी ID से लॉगिन करें।
  2. लॉगिन के बाद 'Apps' सेक्शन में 'RTI' सर्च करें और उस पर क्लिक करें।
  3. 'Submit Request' पर क्लिक करें।
  4. विभाग का चयन: उस विभाग और कार्यालय का चयन करें जिससे आप सूचना चाहते हैं।
  5. विषय और विवरण: अपना प्रश्न स्पष्ट रूप से लिखें।
  6. शुल्क भुगतान: ₹10 का आवेदन शुल्क नेट बैंकिंग या यूपीआई से जमा करें। BPL के लिए यह निःशुल्क है।
  7. सबमिट करने के बाद आपको एक 'Application ID' मिलेगी।
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ऑफलाइन प्रक्रिया (डाक या व्यक्तिगत रूप से)

यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, तो आप पारंपरिक तरीके से आवेदन जमा कर सकते हैं।

  • प्रारूप: एक सादे कागज पर अपना नाम, पता और मांगी गई सूचना का विवरण लिखें।
  • संबोधन: आवेदन "लोक सूचना अधिकारी (PIO), [विभाग का नाम]" को संबोधित करें।
  • शुल्क: ₹10 का भारतीय पोस्टल ऑर्डर (IPO) संलग्न करें।
  • जमा करना: आवेदन को संबंधित कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से दें या 'पंजीकृत डाक' से भेजें।

3. शुल्क संरचना और भुगतान के तरीके

RTI अधिनियम के तहत सूचना प्राप्त करने के लिए कुछ नाममात्र शुल्क निर्धारित किए गए हैं।

विवरण निर्धारित शुल्क
आवेदन शुल्क (सामान्य) ₹10
BPL श्रेणी निःशुल्क
फोटोकॉपी (A4/A3) ₹2 प्रति पृष्ठ
रिकॉर्ड का निरीक्षण (प्रथम घंटा) निःशुल्क

4. प्रथम अपील की प्रक्रिया (First Appeal)

यदि आपको 30 दिनों के भीतर सूचना नहीं मिलती है, या आप प्राप्त सूचना से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप प्रथम अपील दायर कर सकते हैं। यह अपील उसी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी (FAA) को की जाती है।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • • समय सीमा: 30 दिनों के भीतर।
  • • शुल्क: प्रथम अपील के लिए कोई शुल्क नहीं है।
  • • निर्णय: 30 से 45 दिनों के भीतर।

5. द्वितीय अपील और सूचना आयोग (Second Appeal)

यदि आप प्रथम अपील के निर्णय से भी संतुष्ट नहीं हैं, तो आप राजस्थान सूचना आयोग (RIC) में द्वितीय अपील दायर कर सकते हैं।

अपील कब करें?

प्रथम अपील का निर्णय प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर।

आयोग की शक्तियां

आयोग अधिकारी पर ₹25,000 तक का जुर्माना लगा सकता है।

6. सूचना प्रकटीकरण से छूट (धारा 8)

RTI अधिनियम की धारा 8 के तहत कुछ ऐसी सूचनाएं हैं जिन्हें देने से सरकार मना कर सकती है, जैसे देश की सुरक्षा, व्यक्तिगत गोपनीयता, और व्यावसायिक गोपनीयता।

7. जन सूचना पोर्टल बनाम RTI

राजस्थान का 'जन सूचना पोर्टल' सूचना के अधिकार को डिजिटल क्रांति से जोड़ता है। यहाँ सूचना पहले से ही उपलब्ध है, आपको आवेदन करने की जरूरत नहीं है।

8. विभाग-वार सूचना मार्गदर्शिका

विभाग क्या मांग सकते हैं?
शिक्षा विभाग स्कूल फंड, मिड-डे मील, शिक्षकों की उपस्थिति।
स्वास्थ्य विभाग दवाओं का स्टॉक, बजट खर्च, डॉक्टरों की ड्यूटी।

9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या मैं निजी कंपनियों से सूचना मांग सकता हूँ?

सीधे तौर पर नहीं, लेकिन यदि वे सरकारी अनुदान प्राप्त करती हैं, तो संबंधित विभाग के माध्यम से।

10. RTI और सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit)

सामाजिक अंकेक्षण में जनता स्वयं सरकारी योजनाओं की जांच करती है। RTI इसमें 'कच्चे माल' का काम करती है।

11. छात्रों और युवाओं के लिए RTI

युवा पीढ़ी छात्रवृत्ति, परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं के लिए RTI का उपयोग कर सकती है।

12. महिला सशक्तिकरण और RTI

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं RTI के जरिए राशन और पेंशन की लड़ाई जीत रही हैं। मातृत्व लाभ और आंगनवाड़ी सेवाओं की जानकारी मांगें।

13. पंचायती राज और ग्रामीण विकास

गाँव के विकास का पैसा कहाँ खर्च हो रहा है, यह जानने का हक हर ग्रामीण को है। ग्राम पंचायत रिकॉर्ड और नरेगा मस्टर रोल मांगें।

14. शहरी स्थानीय निकाय और नागरिक सुविधाएं

नगर निगम और पालिकाओं से सड़कों, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अवैध निर्माण की जानकारी मांगें।

15. पर्यावरण संरक्षण और RTI

प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों और वन भूमि के संरक्षण के लिए RTI का उपयोग करें।

16. स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता

सरकारी अस्पतालों में दवाओं के स्टॉक और उपकरणों के रखरखाव की जानकारी मांगें।

17. शिक्षा प्रणाली और RTI

RTE के तहत प्रवेश और मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच करें।

18. पुलिस जवाबदेही और RTI

FIR पर हुई कार्रवाई और पेंडिंग केसों की स्थिति जानें।

19. न्यायिक पारदर्शिता और RTI

अदालतों के प्रशासनिक कार्यों और रिक्त पदों की जानकारी मांगें।

20. राजनीतिक दल और RTI

दलों की फंडिंग और उम्मीदवारों के शपथ पत्रों की जानकारी प्राप्त करें।

21. NGO और RTI

सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाले NGO से उनके कार्यों और खर्चों की जानकारी मांगें।

22. सफलता की कहानियाँ

🏆 राशन माफिया का पर्दाफाश

बाड़मेर के गाँव में RTI से राशन वितरण का रिकॉर्ड मांगकर फर्जीवाड़े को पकड़ा गया।

🏆 अधूरी सड़क का निर्माण

उदयपुर में RTI के बाद रुकी हुई सड़क का काम 15 दिन में शुरू हुआ।

23. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (विस्तृत)

क्या मैं किसी भी भाषा में आवेदन कर सकता हूँ?

हाँ, हिंदी, अंग्रेजी या क्षेत्रीय भाषा में।

24. RTI शब्दावली (Glossary)

PIO: Public Information Officer

RIC: Rajasthan Information Commission

25. प्रभावी RTI लिखने के टिप्स

  • स्पष्ट रहें: सीधे सवाल पूछें।
  • प्रमाणित प्रतियां मांगें: ताकि वे सबूत के तौर पर मान्य हों।

26. RTI की चुनौतियाँ और भविष्य

सूचना देने में देरी और लंबित मामले बड़ी बाधाएं हैं। भविष्य डिजिटल और 'प्रो-एक्टिव डिस्क्लोजर' का है।

पारदर्शी राजस्थान, समृद्ध राजस्थान!

सूचना का अधिकार आपके हाथ में वह शक्ति है जो बड़े-बड़े भ्रष्टाचारों की नींव हिला सकती है।

हमारे बारे में

यह पोर्टल राजस्थान के नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है।

आवेदन की स्थिति ट्रैक करें

अपना आवेदन आईडी ऊपर दर्ज करें।

आधिकारिक पोर्टल पर रीडायरेक्ट

सुरक्षा कारणों से, सभी RTI आवेदन आधिकारिक राजस्थान SSO पोर्टल के माध्यम से ही जमा किए जाने चाहिए।

आधिकारिक पोर्टल पर जाएं →

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह एक सूचनात्मक पोर्टल है और इसका उद्देश्य केवल राजस्थान के नागरिकों को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के बारे में जागरूक करना है।

हमारा पोर्टल किसी भी सरकारी विभाग या राजस्थान सरकार का आधिकारिक हिस्सा नहीं है। हम केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं।

यद्यपि हम जानकारी की सटीकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों (जैसे sso.rajasthan.gov.in) से जानकारी की पुष्टि करें।

गोपनीयता नीति (Privacy Policy)

आपकी गोपनीयता हमारे लिए महत्वपूर्ण है। यह पोर्टल किसी भी उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी (जैसे नाम, मोबाइल नंबर, या आधार कार्ड) को बिना अनुमति के संग्रहीत नहीं करता है।

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संपर्क करें

सहायता डेस्क

यदि आपके पास RTI प्रक्रिया से संबंधित कोई प्रश्न है, तो आप हमें ईमेल कर सकते हैं या नीचे दिए गए फॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।

📧

support@rtirajasthan.in

नियम एवं शर्तें (Terms & Conditions)

1. इस पोर्टल का उपयोग केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए।

2. हम किसी भी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

3. उपयोगकर्ता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करें।

4. पोर्टल के माध्यम से दी गई जानकारी में त्रुटि होने पर हम उत्तरदायी नहीं होंगे।

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मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

राजस्थान में RTI क्या है? इसके तहत आप कौन-सी जानकारी मांग सकते हैं और कौन-सी नहीं?

राजस्थान में RTI क्या है?

सोचिए, आपके मोहल्ले की सड़क कागजों में बन चुकी है, लेकिन असलियत में वहां सिर्फ गहरे गड्ढे हैं। आप पंचायत या नगर निगम के चक्कर काटते हैं, और हर बार आपको 'फाइल आगे भेज दी है' कहकर टाल दिया जाता है।

ऐसी स्थिति में गुस्सा और बेबसी महसूस होना बहुत आम है। यहीं पर RTI यानी 'सूचना का अधिकार' (Right to Information) हमारी सबसे बड़ी ताकत बनता है। अगर आप राजस्थान से हैं, तो आपको इस कानून पर थोड़ा ज्यादा गर्व होना चाहिए। क्योंकि पूरे देश में साल 2005 में यह कानून लागू होने से बहुत पहले, राजस्थान के अजमेर (ब्यावर) से ही इस अधिकार को पाने की असली लड़ाई शुरू हुई थी।

आइए एक दोस्त की तरह समझते हैं कि कागजों के इस ब्रह्मास्त्र का सही इस्तेमाल कैसे करना है।

सरकारी दफ्तरों के चक्कर छोड़िए, इस 'हथियार' को समझिए

आसान भाषा में कहूं तो, RTI सरकार से सवाल पूछने का आपका कानूनी हक है। आप टैक्स भरते हैं (चाहे वो माचिस खरीदने पर लगा GST ही क्यों न हो), इसलिए आपको यह जानने का पूरा हक है कि आपका पैसा कहां और कैसे खर्च हो रहा है।

यह कोई सरकारी योजना नहीं है जिसके लिए आपको किसी की सिफारिश चाहिए। यह एक ऐसा कानून है जो एक आम नागरिक को सीधे किसी भी सरकारी अधिकारी की फाइलें खुलवाने की ताकत देता है।

आप असल में क्या-क्या पूछ सकते हैं? (और कैसे पूछें)

ज्यादातर लोगों को लगता है कि वो RTI के जरिए कुछ भी पूछ सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। आप केवल वही जानकारी मांग सकते हैं जो किसी सरकारी रिकॉर्ड या फाइल में पहले से मौजूद है।

आप ये चीजें बेझिझक मांग सकते हैं:

  • अपने रुके हुए काम का स्टेटस: मेरी पेंशन/मार्कशीट/पासपोर्ट की फाइल किस अधिकारी के पास कितने दिनों से अटकी है?

  • सरकारी काम का हिसाब: मेरे वार्ड में पिछले एक साल में सड़क और नाली निर्माण पर कितना पैसा खर्च हुआ?

  • दस्तावेजों की कॉपी: मुझे फलां सरकारी टेंडर के पास हुए बिलों और मस्टर रोल (मजदूरों की हाजिरी रजिस्टर) की कॉपी चाहिए।

  • छात्रों के लिए: मेरी सरकारी परीक्षा की OMR शीट या इंटरव्यू में मिले नंबरों की सर्टिफाइड कॉपी दी जाए।

एक जरूरी टिप: मेरे अनुभव में, अगर आप सीधे पूछेंगे कि "सड़क बनाने में कितना भ्रष्टाचार हुआ?", तो आपको कोई जवाब नहीं मिलेगा (क्योंकि भ्रष्टाचार नाम का कोई रिकॉर्ड नहीं होता)। इसकी बजाय अगर आप पूछेंगे कि "सड़क निर्माण में इस्तेमाल हुए मटीरियल की क्वालिटी रिपोर्ट की कॉपी दें", तो अधिकारी को जवाब देना ही पड़ेगा।

वो बातें जो सरकार आपको नहीं बताएगी (और क्यों)

RTI का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सरकार के सारे राज आपके सामने खोल दिए जाएंगे। कानून की 'धारा 8' के तहत कुछ जानकारियां आपको नहीं दी जा सकतीं।

अगर आप नीचे दी गई चीजें मांगेंगे, तो आपकी एप्लीकेशन सीधे खारिज हो जाएगी:

  • किसी और की पर्सनल बातें: आप अपने पड़ोसी की इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी या किसी अधिकारी के मेडिकल बिल की जानकारी नहीं मांग सकते।

  • देश की सुरक्षा: सेना, बॉर्डर सिक्योरिटी या खुफिया एजेंसियों (जैसे RAW, IB) से जुड़ी गोपनीय जानकारी।

  • चल रही पुलिस जांच: अगर किसी केस की जांच अभी चल रही है, और आपकी मांगी गई जानकारी से मुजरिम को फायदा हो सकता है, तो वो फाइल आपको नहीं मिलेगी।

  • कैबिनेट के फैसले: मंत्रियों की बंद कमरे में हुई उन बैठकों के कागजात, जिन पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

RTI लगाते समय लोग अक्सर क्या गलतियां करते हैं?

मैंने पिछले कई सालों में लोगों को बहुत सी अच्छी RTI ड्राफ्ट करते देखा है, लेकिन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से उनकी फाइलें रिजेक्ट हो जाती हैं। [Insert specific data point from your own testing, e.g., "मैंने पिछले साल 50 रिजेक्टेड RTI फाइलों का विश्लेषण किया और पाया कि 70% सिर्फ इसलिए खारिज हुईं क्योंकि..."]

लोग अक्सर ये गलतियां करते हैं:

  • सवाल पूछने का गलत तरीका: RTI में कभी भी "क्यों" या "कब" वाले सवाल न पूछें। जैसे, "मेरे घर के बाहर की लाइट कब ठीक होगी?" यह भविष्य का सवाल है। इसके बजाय पूछें, "स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए पिछले 6 महीने में कितनी शिकायतें आईं और उन पर क्या कार्रवाई हुई?"

  • गलत विभाग को चिट्ठी भेजना: आप पानी की पाइपलाइन की जानकारी बिजली विभाग से नहीं मांग सकते। हालांकि कानूनन उन्हें सही विभाग को एप्लीकेशन फॉरवर्ड करनी चाहिए, लेकिन इसमें आपका बहुत समय बर्बाद होता है।

  • बहुत लंबा निबंध लिखना: अधिकारी के पास आपकी पूरी कहानी पढ़ने का समय नहीं है। अपनी बात बुलेट पॉइंट्स में, छोटे और सीधे वाक्यों में लिखें।

आप राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल (rti.rajasthan.gov.in) पर जाकर घर बैठे ऑनलाइन भी मात्र 10 रुपये की फीस जमा करके RTI लगा सकते हैं। बीपीएल (BPL) कार्ड धारकों के लिए यह पूरी तरह मुफ्त है।

अब अगली बार जब कोई सरकारी बाबू आपसे कहे कि "फाइल मिल नहीं रही है", तो उनसे बहस मत कीजिएगा। बस चुपचाप घर आइए और एक सटीक RTI लगा दीजिए। फाइल खुद-ब-खुद टेबल पर आ जाएगी।

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